भारत की वन स्थिति रिपोर्ट - 2017
12 जनवरी, 2018 को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन ने ‘15 वीं भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2017 जारी की।
इस रिर्पार्ट के अनुसार, वन क्षेत्र के मामले में भारत विश्व के शीर्ष दस देशों में शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को विश्व के उन 10 देशों में 8वां स्थान दिया गया है जहाँ वार्षिक स्तर पर वन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज हुई है।
आई.एस.एफ.आर-2017(India State of Forest Report (ISFR) के अनुसार, देश में वन और वृक्षावरण 8,02,088 वर्ग किमी. है, जो कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 24.39 प्रतिशत है।
देश में वन और वृक्षावरण की स्थिति में वर्ष 2015 की तुलना में 8021 वर्ग किमी. की वृद्धि (1.14 प्रतिशत) हुई है।
देश में कुल वनावरण 7,08,273 वर्ग किमी. है, जो कुल भौगोलिक क्षेत्र का 21.54 प्रतिशत है।
आई.एस.एफ.आर-2017 India State of Forest Report (ISFR) के अनुसार, भारत में मैंग्रोव आवरण विश्व की संपूर्ण मैंग्रोव वनस्पति का लगभग 3.3 प्रतिशत है, जो कि देश के 4921 किमी. क्षेत्र में फैला हुआ है। जो कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 0.15 प्रतिशत है।
भारत में सर्वाधिक मैंग्रोंव आच्छादित चार राज्य / संघीय राज्य क्षेत्र क्रमशः पश्चिम बंगाल (2,114 वर्ग किमी.), गुजरात (1,140 वर्ग किमी.), अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह (617 वर्ग किमी.), तथा आंध्र प्रदेश (404 वर्ग किमी.), है।
आई.एस.एफ.आर-2017 India State of Forest Report (ISFR) के अनुसार, आंध्र प्रदेश में वनावरण में 2141 वर्ग किमी. की सर्वाधिक वृद्धि हुई।
इसके बाद कर्नाटक 1101 वर्ग किमी. और केरल 1043 वर्ग किमी. वृद्धि के साथ क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर रहा।
क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 3 राज्य क्रमशः मध्य प्रदेश (77,414 वर्ग किमी.), अरुणाचल प्रदेश ( 66,964 वर्ग किमी.), तथा छत्तीसगढ़ (55,547 वर्ग किमी.), है।